हिंदी भाषा का क्या कहना

हिंदी भाषा  का क्या  कहना
 
देवनागरी लिपि है जिसकी
उर्दू फ़ारसी जैसी बहना
संस्कृत से उद्धृत हुई है
भाषाओ में है ये गहना
हिंदी भाषा   का क्या  कहना।
 
निश्छल जैसे गंगा यमुना
कई देशों में बोली जाती
औरों को भी बनाती अपना
कबीर , सूरदास के दोहे पढ़िए
या दिनकर , गुप्त की अद्भुत रचना
हिंदी भाषा   का क्या  कहना।
 
हिंदी साहित्य की बात निराली
श्रृंगार रस है होता अति सुन्दर
वीर रस भरता साहस है
करुण रस से भावुक होते
हास्य रस का मतलब हँसना
हिंदी भाषा  का क्या कहना।
 
हिंदी बस एक भाषा नहीं है
भारत की पहचान है हिंदी
भारतीयों को कहते हिंदी
यूँ तो देश में हैं अनेक भाषाएँ
काम है इसका जोड़ के रखना
हिंदी भाषा   का क्या  कहना।
 
हिंदी दिवस के इस शुभ अवसर पर
आएं हम सब ये ठाने
अगली पीढी को हिंदी सिखाये
चाहे देश विदेश में रहना
हिंदी भाषा  का क्या कहना। 
                                                            शिवेश, ऑस्ट्रेलिया 

Search